भक्ति: प्रेम और समर्पण

भक्ति, शब्द का एक गहन अनुवाद है, जो प्रेम और पूरी अभिमान को दर्शाता है। यह एक असाधारण अनुभव है, जिसमें चित्त परमात्मा के प्रति खींचा होता है, और ईगो को समर्पण देने के लिए तत्पर रहता है। वास्तविक भक्ति आदमी को स्वार्थ से मुक्त करती है और उन्हें अमन का ज्ञान कराती है। यह एक ऐसा जुड़ाव है, जो भक्तों